योग करेंगे हम सदा , तभी करेंगे मौज शरीर स्वस्थ रहेगा तो , ना होगा मन का रोग | नित उठ हम व्यायाम करें , लगाएं कुछ देर ध्यान मन प्रफुल्लित होगा और होगी स्वयं से पहचान | योग है एक कुंजिका , इससे खुलता मन के द्वार मन को एकाग्र करें यह , बुद्धि दे अपार | नमन करो नित सूर्य का, करिए प्राणायाम बस जाएँगे हृदय में खुदा , कृष्ण, श्री राम । "सोनी" योग दिवस काफी नहीं , योगासन प्रतिदिन आओ मिलकर नित करें , योग करें हर दिन |
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