Skip to main content

खूबसूरत सर्दी


 सर्दी है भाई, सर्दी है 

खूब खाओ ,खूब खाओ 

सब हजम हो जाएंगे, बिन हाजमोला के |



तरह-तरह के व्यंजन खाओ ,

तरह-तरह के पराठे ,

गाजर का हलवा खूब बनाओ,सबके मन को भाता |



रंग बिरंगे स्वेटर पहनकर, 

गोलू -मोलू बन जाओ 

गरम- गरम पानी से नहा कर,तरोताजा हो जाओ |



जल्दी -जल्दी आ जाओ, 

आकर धूप खाओ 

"सोनी "दोस्तों के साथ बैठकर, गप्पे खूब लड़ाओ |



अच्छे-अच्छे खाना खाकर, 

रजाई में घुस जाओ 

इतनी जल्दी क्यों जगना है,सर्दी है सो जाओ |


सर्दी है भाई सर्दी है |


It's cold bro it's winter

 Eat a lot, eat a lot


 All will be digested, without Hajmola.






 Eat a variety of dishes,


 Different types of parathas,


 Make plenty of carrot pudding, please everyone's heart.






 Wearing colorful sweaters,


 Go golu


 Take a bath with hot water and freshen up.






 Come quickly


 Come and eat incense


 Sitting with friends, fight a lot of chatter.






 Having good food,


 Sneak into the quilt


 Why wake up so early, sleep is cold.




 It's winter, it's cold.

Comments

Popular posts from this blog

सबके लिए तुम खास हो

बच्चे -बूढे और सयाने , सब हैं मोबाइल के दीवाने बड़े काम की चीज है , रखना बहुत जरूरी है | किसके  नहीं यह पास है , सबके लिए यह खास है  जीवन तुम  बिन अधूरे , तुम्हारी दया की आस है | तुम्हें रखना ना लोग भूलते , तुम्हारी सम्मान  सब हैं करते  चाहे बटुआ भूल जाएं ,जीवन-साथी  रुठ  जाएं  | सब तेरे  में ही है दाता , सब कुछ  तुममे हैं समाता रेडियो तुम में , टीवी  तुम में ,सारे न्यूज का भंडार  तुम्हीं में  टॉर्च  तुम में ,घड़ी तुम में ,सारे कुकिंग की विधि तुम्हीं में  कैमरा तुम में ,आईना तुम में ,सारे  कान्टैक्ट की लिस्ट तुम्ही में   रिश्ते तुम में ,नाते तुम में लड़का-लड़की की बातें तुम्हीं में  ग्रुप तुम  में  समाज तुम  में  , फेसबुक की किताबें तुम्हीं में | बैंक तुम  में बैलेंस तुम  में ,सारे दुनिया का व्यापार तुम्हीं  में  ज्ञान तुम में विज्ञान तुम में  , "सोनी " का मन भी तुम्हीं में | तुमसे कोई रूठ ना पाएं , तुम्हारी बिना कोई रह ना पाएं  सबके लिए तुम खा...

संक्षिप्त नहीं हो पाता , विस्तार कर देती हूँ

 संक्षिप्त नहीं हो पाता, विस्तार कर देती हूंँ | कितना भी कोशिश करूं, मैं बातों को तिल से ताड़ कर देती हूंँ | ना संक्षिप्त कहना आता है ,ना  सुनना आता है  कुछ ऐसे भी हैं  , जिन्हें इनकार कर देती हूंँ |  हरदम बूढ़े -बुजुर्गों का जय - जयकार कर लेती हूंँ | बात ही होते हैं कुछ ऐसे ,जो तिल के लायक नहीं होते  उन्हीं बातों को अकसर तिल से ताड़ कर देती हूंँ |  ऐसे ही लोगों का परित्याग कर देती हूँ | बात करने का यह तरीका भी , कितना खूब भाता है  इसी तरह से , मैं विचार कर लेती हूँ |  ना जाने , कितने को दूर से पास कर लेती हूंँ | अकसर खुलकर नहीं बोलने से , बहुत से रिश्ते टूट  से जाते हैं  किसी का हमदर्द बनने के लिए , मैं विस्तार से सुनती हूंँ |  किसी का गम बाॅटने के लिए , मैं तैयार ही रहती हूंँ | आदत है विस्तार तो , विस्तार कर लेती हूंँ  अकसर मैं अपने कामों को , दिन से रात कर लेती हूंँ |  कभी-कभी तो खुद से तकरार कर लेती हूंँ | कहना होता है थोड़ा  , पर्याप्त कर लेती हूंँ  ना जाने क्यों , दूसरे का परवाह कर लेती हूंँ |  कभ...

नारी क्यों हो बेचारी?

 नर से भारी नारी, है ममता की वह मूर्ति | ना कहो उसे बेचारी, उसमें छिपी है शक्ति सारी| जब नारी में हो शक्ति सारी, तब नारी क्यों हो बेचारी ? कहाँ नहीं है नारी, देखो इतिहास पलटकर | हर काम में है वो माहिर, ये तो है जग जाहिर| जब नारी हो जग जाहिर, तब नारी क्यों हो बेचारी? है घर को रचने वाली, लक्ष्मी बनकर वह आई| है सदा से पूजनीय, कोई और नहीं वह नारी| जब नारी हो पूजनीय, तब नारी क्यों हो बेचारी? है अद्भुत क्षमता वाली, कहलाती रानी लक्ष्मीबाई| दुष्टों के साथ बन जाती काली, हम सब की पालनहारी|  "सोनी " जब नारी हो पालनहारी, तब नारी क्यों हो बेचारी? Heavier than male,  That idol of Mamta.  Do not say poor thing to him,  The whole power is hidden in it.  When women have all the power, then why are women poor?  Where is the woman,  Look history overturned |  He is expert in everything,  This is the world, obviously.  When women are awake, then why are women poor?  Is the creator of the house,  She came as Lakshmi.  Is always venerable,...