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इस लेखनी का रंग जिस पर चढ़ जाऍ


 इस लेखनी का रंग जिस पर चढ़ जाऍ  , 

उसे तो बिना लिखे हुए चैन ना आए |


किस तरह से छिप -छिप कर वह लिख पाऍ  , 

इस लेखनी का रंग जिस पर चढ़ जाऍ |


इस व्यस्त दिनचर्या में समय "सोनी" निकाल पाए  , 

इस लेखनी का रंग जिस पर चढ़ जाऍ |


इस लेखनी में जो खो जाऍ ,

वह तो अपनी दुनिया अलग ही बना पाऍ |


है कला की देवी मां सरस्वती का यह वरदान  , 

इस लेखनी में जो सफल हो जाऍ | 


इस लेखनी का रंग जिस पर चढ़ जाऍ , 

उसे तो बिना लिखे हुए चैन ना |

 


The color of this stylus, which climbs on it,

 He did not come peacefully without writing.




 How can he write secretly,


 The color of this stylus to which it will climb.




 In this busy routine, "Soni" was able to find time,


 The color of this stylus to which it will climb.




 Who gets lost in this pen,


 He can make his world different.




 This is the boon of Saraswati, the mother goddess of art,


 Be successful in this pen.




 The color of this stylus, which climbs on it,


 There is no rest without writing it.



 


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